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14.8.19
मनुष्य सामाजिक प्राणी है, वह अकेला नहीं जी सकता । उसे अपना जीवन ठीक प्रकार से चलाने के लिए अनेक मनुष्यों का सहयोग लेना पड़ता है । कोई उसके लिए भोजन बनाता है, कोई कपड़े धोता है , कोई मोटर गाड़ी चलाता है , कोई उसके लिए टैक्सी चलाता है , कोई ट्रेन चलाता है , कोई कंप्यूटर बनाता है , कोई टेलीविजन बनाता है , कोई मोबाइल फोन बनाता है , कोई व्यापारी उसके लिए तरह तरह की वस्तुएं उपलब्ध कराता है ।
तो *ये सब सुविधाएं यदि आप चाहते हैं, तो आपको समाज के लोगों के साथ कुछ सौहार्दपूर्ण प्रेमपूर्ण संबंध रखना होगा।* तभी दूसरे लोग आपकी इस प्रकार से सेवा कर पाएंगे।
इस प्रकार से हम देखते हैं कि *हमारा जो जीवन का आनंद है , वह कुछ आपसी संबंधों पर टिका है। यदि आपकेे संबंध दूसरे लोगों के साथ अच्छे न हों , प्रसन्नता पूर्ण न हों, तो आपको ये सब वस्तुएं प्राप्त नहीं हो सकेंगी । और जैसे-तैसे प्राप्त हो भी गई , तो संबंध अच्छे न होने से, मन की प्रसन्नता नहीं हो पाएगी। प्रसन्नता न होने के कारण ये वस्तुएं आपको सुख नहीं दे पाएँगी ।*
इसलिए समय पर सब वस्तुएं उपलब्ध हों, उनसे आपका सब कार्य सुचारु रुप से चले, आपका जीवन आनंदित हो, उसके लिए आवश्यक है कि आप लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखें ।
ये संबंध तभी टिक पाएंगे , जब आप एक दूसरे पर विश्वास करते हों। विश्वास का आधार सत्य है । इसलिए सब के साथ सत्य व्यवहार करें , जिससे आपके संबंध अच्छे बने रहें । और संबंध अच्छे रहने पर ही आप अच्छी तरह आनंदपूर्वक जी पाएंगे -

🚩🙏राजकेशरिया🙏🚩

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