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प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अनेक समस्याएं होती हैं , जिनसे पीड़ित होकर वह परेशान होता रहता है । संसार में कुछ लोग बुद्धिमान होते हैं , जो अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं ढूंढ लेते हैं । परंतु सब लोग इतने बुद्धिमान नहीं होते , और सभी क्षेत्रों में बुद्धिमान नहीं होते , इसलिये अनेक क्षेत्रों में उन्हें दूसरों की सलाह सम्मति सुझाव लेना पड़ता है ।
दूसरे लोग भी कभी पूछने पर और कभी बिना पूछे ही सुझाव देने में बड़े उत्सुक होते हैं। सुझाव देते ही रहते हैं । अनेक बार उनके सुझाव बड़े उपयोगी भी होते हैं ।
*जब कोई सत्य ग्राही विचार शील व्यक्ति उनके सुझाव पर चिंतन करे, और उसे सुझाव समझ में आ जाए , कि यह सुझाव मेरे लिए लाभकारी है। ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति उसे यदि मान लेता है , तो उसकी समस्या हल हो जाती है.*
परंतु *कुछ हठी अड़ियल अभिमानी लोग होते हैं जो दूसरों के सुझाव पर ध्यान नहीं देते, अथवा अभिमान के कारण उनके सुझाव को स्वीकार नहीं करते । ऐसे लोग सदा दुखी रहते हैं । उनकी समस्याएं हल नहीं हो पाती।*
तो सार यह हुआ कि दूसरे लोग केवल सुझाव दे सकते हैं । सुझावों को मानना, या न मानना, वह आपके हाथ में है । यदि आप अच्छे उत्तम सुझाव को स्वीकार कर लेंगे, तो आपकी समस्याएं हल हो जाएंगी । यदि स्वीकार नहीं करेंगे , तो समस्याएं बनी रहेंगी, और आप सदा दुखी रहेंगे। क्या करना चाहिए, आप स्वयं विचार करें -
🚩राजकेशरिया🚩
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