рдЖрдкрдХो рдкрддा рд╣ै рдмेрдЯी.... рдЖрдк рдкрд░ рдЬ्рдпाрджा рд╕рдЦ्рддी рдХ्рдпों рд░рдЦी рдЬाрддी рд╣ै ...рдХ्рдпोंрдХि рдмेрдЯा рд╣рдоाрд░े рд╢ाрд╕्рдд्рд░ рдХрд╣рддे рд╣ै рдХि рдЖрдк рд╢рдХ्рддि рдХा рд╕्рд╡рд░ूрдк рд╣ै рдФрд░ рдмेрдЯा рд╢рдХ्рддि рд╕े рдЕрдкेрдХ्рд╖ा рдЬ्рдпाрджा рд╣ी рддो рд╣ोрддी рд╣ै рдиा..... рдПрдХ рдЬिрдо्рдоेрджाрд░ी рдЬो рдПрдХ рдЖрджрдоी рд╕ाрдпрдж рдирд╣ी рдиिрднा рд╕рдХрддा рд╡ो рдиाрд░ी рд╣ी рдиिрднा рд╕рдХрддी рд╣ै । рд╕рдоाрдЬ, рдХुрдЯुрдо्рдм рдХो рдЬोреЬे рд░рдЦрдиे рдХी рдЕрдж्рднुрдд рдХрд▓ा рдЬो рдПрдХ рд╕्рдд्рд░ी рдоें рд╣ोрддी рд╣ै рдиा рдмेрдЯा рд╣рдо рдкुрд░ुрд╖ рдЪाрд╣рдХрд░ рднी рд╡ो рдирд╣ी рдХрд░ рд╕рдХрддे рд╣ै ।
प्रिय बिटिया ।
अब जब तुम पढ़ लिखकर 18 साल की हो गई हो और अपने अधिकारों के बारे में जानने लगी हो तो तुम्हे लगता है कि आज तक तुम्हारे अधिकारों का गला घोंटा गया है । तुम्हे लगता है कि तुम को घर की चार दीवारों में बंद करके तुम्हारी आझादी को छीना गया है । वो क्या है ना बेटा... हम कैसे समजाये तुम्हे... अस्सा तुम ही बताओ बेटा... तुम्हारे पास जगत की सबसे कीमती ओर बेस्ट चीज है जिसे तुम सबसे ज्यादा चाहती हो तो उसे कहा रखोगे...उसका ध्यान कैसे रखोगे.. बेशक तुम उसे सबसे छुपा के संभालकर रखोगे ना.. हरपल तुम्हे उसकी चिंता भी सताती रहेगी कही चोरी ना हो जाये, कही कोई उसे उठा के ना ले जाये.. कही वो गलत हाथो में ना पड़ जाए... बस बेटा यही डर .. हा बेटा... यही डर की वजह से सायद हम आपके प्रति ज्यादा ही ध्यान रखने की कोशिश करते रहते थे लेकिन बेटा आज जब आप समजने लगी हो तो आपको लगता है कि हम आपके प्रति ज्यादा सख्त थे ।
आपको लगता है कि आपकी भावनाओ को हम समझ नही सकते इसलिए आपके निर्णय को स्वीकार नही कर सकते लेकिन बेटा क्या है ना हम बहोत डरपोक है । क्या है ना कि कही आपकी नादानी आपको मुश्किल में ना डाल दे । आपको लगता है कि आप ज्यादा समझदार हो गए हो 18 साल में ही ओर हम 50 साल के होके भी नासमझ है । बेटा हमने दुनिया देखी है और इसलिए डर है कि कही हम आपको खो ना दे । क्यों पता है बेटा.... हमारा भरोसा आप पर कुछ ज्यादा ही है ..क्योंकि की बेटा बुढ़ापे में जब हम बीमार होंगे ना तब 1 किलोमीटर दूर रहने वाले बेटे से पहले 100 किलोमीटर दूर रहनेवाली बिटिया पहोच जाती है बेटा.. यही भारतीय बेटी की पहचान है और हम भी उसी विश्वास के साथ आपके प्रति थोड़े स्वार्थी हो गए है और इसलिए सायद आपको लगता है कि हम आपको समझ नही पा रहे ।
आपको पता है बेटा.. आप पर ज्यादा सख्ती क्यों रखी जाती है ...क्योंकि बेटा हमारे शास्त्र कहते है कि आप शक्ति का स्वरूप है और बेटा शक्ति से अपेक्षा ज्यादा ही तो होती है ना.... एक जिम्मेदारी जो एक आदमी सायद नही निभा सकता वो नारी ही निभा सकती है । समाज, कुटुम्ब को जोड़े रखने की अद्भुत कला जो एक स्त्री में होती है ना बेटा हम पुरुष चाहकर भी वो नही कर सकते है ।
🚩राजकेशरिया🚩
9377012340
Leave a Comment