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सादर नमन
जय भवानी
समाज के सभी सम्मानित बन्धुओ से मेरा निवेदन है कि आपसी वाद-विवाद की तुलना में आप सार्थक कार्यो को प्राथमिकता दें, राजपूत समाज के सभी संगठन समाज के हित के लिये बनाये गये है! सभी संगठनों को सम्मान दें, अगर आपको लगता है कि किसी विषय या मुद्दे पर आप सहमत नहीं है तो अपनी बात समाज के सामने खुलकर संयमित भाषा में रखें, सभ्यता,संस्कार ,सम्मान, अनुसाशन, और संस्कृति ही राजपूतों की पहचान है और इस विरासत को हमें सुरक्षित रखना है!अगर आपकी सलाह और विचार सार्थक है तो हो सकता कि सभी आपकी बात की सर्वसम्मति से स्वीकार करें! अगर आपको लगता है कि किसी समाजसेवक या संगठन ने सही कार्य नहीं किया है और आप असहमत है तो आप पूर्वजों से अच्छा कार्य करने का प्रयास करें, समाज आपके साथ खड़ा होगा, किसी को नीचा दिखाकर कभी स्वयं को आदर्श रूप में प्रतिस्थापित नही किया जा सकता, समाज के हित के लिये कौन व्यक्ति या संगठन अच्छा कार्य कर रहा है या किया है इसका विश्लेषण करने के लिये हो सकता है कई दशकों का समय निकल जाये, किसी की निंदा, उपहास या मजाक उड़ाने से पहले ये जरूर सोचना की सामाजिक कार्य खुद के घर को फूंककर समाज में चिराग जलाने जैसा है, अगर समाजहित में कार्य करने वाले सम्मानित व्यक्तियों का हम उपहास करेंगे तो हो सकता है समाज किसी दिन सामाजिक कार्य कर्त्ताओं से विहीन न हो जाय इसलिए समाज के वरीष्ठ बुजुर्ग व समाज के युवा समाज सेवक गण का सन्मान करे ओर उन्हें समाज सेवा के लिए प्रोत्साहित करें
*👉 ध्यान रहे समाज का अस्तित्व आपसे है ओर आपका अस्तित्व समाज से 👈*
आपके छोटे भाई👉 रऩजितसिंह जे राजपूत वराऩा का प्रणाम व जय भवानी 🙏
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Jay Bhavani
рдЬрд╡ाрдм рджेंрд╣рдЯाрдПंYou are right bapu your thinking is good
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