*.......Believe in yourself.....*
🌹जय श्री कृष्णा🌹
सादर नमन
याद करो बचपन में जब हमने पहली बार ज़मीन पर पैर रखे......
तो लड़खड़ाए थे....
परंतु धीरे धीरे Practice की और चलना सीख़ लिया......
शुरुआत में बोलते समय लड़खड़ाए....
फिर Practice की और बोलना सीख लिया .......
Friends बचपन से लेकर आज तक ऐसे कई examples हैं......
जब शुरुआत में हम लड़खड़ाए और फिर अभ्यास से अपने Goals को हाँसिल किया......
जो चाहा वो सीखा और हासिल किया..... मतलब बचपन में हम सब कामयाब थे......
सोचो बचपन में लड़खड़ाते समय गिरने के डर से अगर रुक जाते तो शायद चल भी न पाते......
दोस्तों जब हम ये जानते हैं....
तो फिर बड़े होते होते गिरने या लड़खड़ाने के डर से अपने goals की तरफ़ कदम उठाने मैं इतना डर क्यों लगता हैं........?
शायद हम समझदार हो जाते हैं... और साथ में असफल भी .....?
क्या हम वो बचपन वाली जीतने की ज़िद......
बिना शर्त लोगों से प्यार ,उमंग , साहस और जूनून को एक बार फ़िर अपने अन्दर पैदा कर सकते हैं.......? अगर हाँ तो हमें अपनी मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता मेरे दोस्त.....
इसीलिए हमेशा कहता हूँ........
कामयाब होना है तो बच्चों जैसे बनो.......
Believe in yourself.....
श्री गुजरात राजपूत क्षत्रिय संगठन
श्री भवानी यूवा शक्ति समाज सेवा ग्रुप गुजरात
रऩजितसिंह जे राजपूत वराऩा
🙏 धन्यवाद आपका दिन मंगलमय हो🙏
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