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*🌹जय श्री कृष्णा🌹*

*मैं नही, हम की भावना से काम करने पर बेहतर परिणाम मिलने की 100%गारण्टी होती है"*

किसी भी संस्था के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए ....
टीम वर्क की अहमियत को समझना बेहद जरूरी है... ...
संकटपूर्ण स्थितियों में टीम भावना से किया काम सफलता को सुनिश्चित करता है.....
यह वह स्थिति होती है.....
जिसमें सभी की जीत होती है.....

साझा उद्देश्य के लिए साथ काम करने की प्रक्रिया ही टीम वर्क है...
साथ ही यह व्यक्तियों को संगठनात्मक लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करने का नाम भी है.....
ऐसे समय में जब संस्थाएं वैश्विक स्वरूप धारण कर रही हैं....
विभिन्न कार्यों को पूरा करने के लिए टीम भावना से काम करना पहले से अधिक जरूरी हो गया है.....
यह वह ऊर्जा है, जो सामान्य व्यक्ति को विशिष्ट लक्ष्य हासिल करने  के काबिल बना देती है.....
आदर्श टीम के लिए असरदार कम्युनिकेशन इसकी पहली शर्त है.........
टीम के सदस्यों के बीच वैचारिक आदान—प्रदान बिना रुकावट, स्पष्ट और निर्धारित योजना की सफलता की दिशा में होना चाहिए......
संचार व्यवस्था दो तरफा होनी चाहिए...
अधिकार और कर्तव्यों की स्पष्टता अधिकारी और कर्मचारियों के तालमेल को बढ़ाती है.......
साथ ही कार्यस्थल पर बॉस के काम करने की रफ्तार...टीम की रफ्तार होती हैं...
जरूरी है कि टीम लीडर ऐसा हो....
जो अपनी कार्यक्षमता से टीम का नेतृत्व कर सके...
अपने निजी स्वार्थों से ऊपर उठ कर टीम के लक्ष्य को तरजीह दे सके......
टीम के सदस्यों में अपने प्रति विश्वास पैदा कर सके....
ताकि सभी एक दिशा में बढ़ सकें.....
कोई भी टीम विभिन्न विचारों वाले व्यक्तियों से बनी होती है.....
यह विचार एक दूसरे के विरोधी भी हो सकते हैं...
ऐसे में जरूरी होगा कि टीम के सदस्यों के कार्य आपसी गुटबंदी या निजी स्वार्थ में न उलझ कर लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में ही आगे बढ़ें.......
मेरा मानना है कि एक आदर्श टीम  में...
एक दूसरे की क्षमताओं, विचारों और  क्रियाओं के प्रति आदर रख कर ही टकराव को कम रखा जा सकता है........
एक कुशल टीम लीडर या मैनेजर सबके काम की उपयोगिता को न सिर्फ समझता है.....
बल्कि खास प्रयासों के लिए प्रोत्साहनात्मक कदम भी उठाता है......
आप टीम में एक सदस्य के तौर पर काम कर रहे हैं... या फिर उसके लीडर हैं......
नकारात्मक सोच किसी भी रूप में काम में बाधा पहुंचाती है.... टीम के कार्यों पर विपरीत असर डाल सकने वाली ईष्र्या या द्वेषपूर्ण बातों से दूर रहें.......

जब एक साथ कई लोग काम करते हैं ....
तो उनमें मतभेद होना भी स्वाभाविक है.....
विचारों की यह भिन्नता और टकराव हमेशा नकारात्मक नहीं होते....
कई बार इस प्रक्रिया में नए विचार और कार्य करने के बेहतर रास्ते भी सामने आते हैं......
जिससे लक्ष्य प्राप्ति आसान हो जाती है....
अगर कोई एक या दो टीम सदस्य किसी विचार पर सहमत नहीं हैं ....
तो अक्सर दूसरे सदस्य मौन बने रहते हैं.....
जो ठीक नहीं हैं......
टीम के सदस्यों को विवादित विचारों पर बात करते हुए सही समय पर टकराव की आशंका को दूर करना चाहिए..........
*1-मतभेद के मुद्दे को पहचानें.... उस पर बातचीत करने में पीछे न हटें......*
*2- समस्या के सभी पहलुओं को समझें.......*
*3- साझा सामाधान तलाशें..ताकि सभी सदस्य नई ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें....*
*4- टीम वर्क से टीम सदस्यों में एकता तो बढ़ती ही है.. मेल-जोल भी बढ़ता है.....*
*5- अच्छा टीम वर्क किसी संगठन को कम समय में बेहतर नतीजे तक पहुंचाता है.......*

*"मैं नही, हम की भावना से काम करने पर बेहतर परिणाम मिलने की 100%गारण्टी होती है"*

*🚩श्री गुजरात राजपूत क्षत्रिय संगठन🚩*

*🙏श्री भवानी यूवा शक्ति समाज सेवा ग्रुप गुजरात🙏*

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