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. || *राजपूत नी जाती*||
*असीम आना ठेका मरद मा भोमना जाया,*
*धरम धर काज मस्तक काटकर निज रक्त रेलाव्या,*
*आ भारत वर्षनो ईतिहास किर्ती थीर जग थई ती,*
*मिसर पर रोम ने काबुल रजपूती धजा फ्रकती,*
*करो यादी ए जो ईतिहास छाती हर्षे उभराती,*
*अवर घर काज रे' घर बा'र ई राजपूत नी जाती.*
*मेवाडो मर्द राणो धर्म निज रंगाई ग्यो रंगे,*
*महलनुं सुख मेल्युं मर्दनुं जीवन गयुं जंगे,*
*वने वगडे भटकीयो आथड्यो ई घोर पहाडो मां,*
*सहन करीयां घणां संकट त्रिया निज पूतनी संगे.*
*हवे एने याद कर गर्वे फुलाती राखजो छाती,*
*अवर घर काज रे' घर बा'र ई राजपूत जाती.*
*वकरतां वादळो जेवां गज़नवी नां दळो आव्या,*
*मंदिरो पाड लुंट्यो देश काळा केर वरताव्या,*
*ए अत्याचारनी सामो अडाभीड एक आव्यो तो,*
*मलेच्छां फोज माथे जे एणे मारो चलाव्यो तो,*
*अरीना रग्ते रंगाणी हमीरी तेग ए ताती,*
*अवर घर काज रे' घर बा'र ए राजपूत नी जाती.*
*फीरंगी फोज हिन्दुस्तान मेलीने गई ज्यारे*
*सुकानी देशनो सरदार भमियो देशमां त्यारे*
*अढारे दानमां दीधां ई दाता कृष्ण कां भुलो*
*एवा तो कंईक जेणे दई दीधुं राख्युं न पेटारे*
*कह्या ता बाप जेने छांय शितळताय पाम्या ता*
*प्रजाना दुखने मुळेथी जेणे साव डाम्यां तां*
*प्रजाना सुख खातर संपती सौ दान दई दीधी*
*अवरने आपवा गुलशन फकीरी राह लई लीधी*
*छतां ए बापनी सामे न मीठी नजर मंडाती*
*अरेरे एहनी पेढी दरो दर ठोकरो खाती*
*दरद दिलमां हजारो घाव लई ए जात मुस्काती*
*अवर घर काज रे' घर बा'र ए राजपूत नी* *जाती 🚩नशा राजपुत होने का 🚩* *🙏🏽जय* *मॉ* *भवानी🙏🏽* *⚔रऩजितसिंह* *जे* *सैंधव*⚔
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